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Jammu and Kashmir

बीएसएफ केवल सीमा रक्षक नहीं, आपदा में भी ढाल: अमित शाह

07-Feb-2026
जम्मू कश्मीर।  ( शोर संदेश )  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के हिरानगर क्षेत्र में स्थित बोबिया सीमा चौकी (बीओपी) का दौरा कर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों के साहस, समर्पण और बलिदान को सलाम किया। इस दौरान उन्होंने वर्चुअल माध्यम से सीमा रक्षकों के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया।
अमित शाह ने बीएसएफ जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा में बीएसएफ हमेशा दीवार बनकर खड़ा रहा है। जब-जब देश की सीमाओं पर अतिक्रमण की कोशिश हुई, बीएसएफ ने पूरी मजबूती के साथ उसका सामना किया।
गृह मंत्री ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भी बीएसएफ ने एक स्वर्णिम अध्याय लिखा है और हर मोर्चे पर अपनी वीरता और पराक्रम का प्रमाण दिया है।
पंजाब में आई भीषण बाढ़ का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि उस कठिन समय में भी बीएसएफ के जवानों ने न केवल सीमा की सुरक्षा की, बल्कि पंजाब के नागरिकों की मदद कर मानवता का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि बीएसएफ केवल सीमा सुरक्षा ही नहीं करता, बल्कि आपदा के समय आम लोगों के लिए भी ढाल बनकर खड़ा रहता है।
केंद्रीय गृह मंत्री ने घोषणा की कि बीएसएफ जवानों के कल्याण के लिए सरकार एक नई और विशेष योजना लेकर आएगी। इसके साथ ही पूरी बॉर्डर सिक्योरिटी व्यवस्था को आधुनिक तकनीक के आधार पर मॉडर्नाइज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए केंद्र सरकार बड़ी राशि खर्च करेगी, ताकि जवानों को बेहतर संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
इससे पहले अमित शाह ने बोबिया बीओपी पर स्थित शहीद स्मारक ‘अजेय प्रहरी’ पर राष्ट्र रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि जवानों का त्याग और अटूट समर्पण हर देशवासी के लिए प्रेरणा है और उनके अदम्य साहस व शौर्य को नमन किया।
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बीएसएफ को लेकर किए गए पोस्ट का जिक्र करते हुए कहा कि जब उन्होंने बोबिया आउटपोस्ट यात्रा को लेकर पोस्ट करने की योजना बनाई, तो उन्होंने लोगों के कॉमेंट पढ़े। हर कॉमेंट बीएसएफ जवानों के साहस, समर्पण और बलिदान की प्रशंसा से भरा था, जो पूरे देश की भावनाओं को दर्शाता है।
गृह मंत्री शनिवार को लोक भवन में जम्मू-कश्मीर में चल रही विकास परियोजनाओं को लेकर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता भी करेंगे।
 

उधमपुर में सुरक्षा बलों की कार्रवाई जारी, अब तक दो आतंकवादी ढेर

04-Feb-2026

जम्मू कश्मीर।  ( शोर संदेश ) जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले के बसंतगढ़ इलाके में आज बुधवार को सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच जारी मुठभेड़ में दो आतंकवादी ढेर हो गए। अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादियों को मार गिराया गया। उनके शवों की बरामदगी का काम अभी जारी है क्योंकि इलाके में गोलीबारी अब भी चल रही है।

मुठभेड़ मंगलवार देर शाम तब शुरू हुई जब आतंकवादियों को एक गुफा से गोलीबारी करते हुए देखा गया। अधिकारियों के अनुसार, ड्रोन से आतंकवादियों की लोकेशन का पता चला और उसके बाद इलाके की घेराबंदी और सख्त कर दी गई ताकि आतंकवादियों को पकड़ने में मदद मिले।
सुरक्षा बलों ने कार्रवाई करते हुए बेहद सतर्कता दिखाई। अधिकारियों ने बताया कि जॉइंट फोर्सेज ने सटीक और सोच-समझकर कार्रवाई की, घेराबंदी कसते हुए आतंकवादियों की भागने की कोई संभावना नहीं छोड़ी। ड्रोन की मदद से गुफा में आतंकवादियों की मौजूदगी की पुष्टि हुई, जिससे सुरक्षा बलों ने अपनी रणनीति बदलकर जोखिम को कम किया।
उन्होंने यह भी कहा कि इलाके में और आतंकवादी छिपे होने की संभावना को ध्यान में रखते हुए ऑपरेशन बेहद सावधानी से चलाया जा रहा है। आसपास के गांवों और मोहल्लों के लोगों को भी सलाह दी गई है कि वे घरों में रहें जब तक ऑपरेशन पूरा नहीं हो जाता।
अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन पूरी तरह नियंत्रण में है और सुरक्षा बल किसी भी तरह के खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
उधमपुर, कठुआ, राजौरी, पूंछ और डोडा जिलों में आतंकवादियों की मौजूदगी सुरक्षा बलों के लिए चिंता का बड़ा कारण बन गई है। इस मामले पर 8 जनवरी को नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक हुई थी।
बैठक में साफ निर्देश दिए गए थे कि आतंकवादियों, जो ज्यादातर पाकिस्तानी नागरिक माने जा रहे हैं, को तुरंत समाप्त किया जाए और सीमा और नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर कोई भी घुसपैठ न हो।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 5 फरवरी से जम्मू-कश्मीर के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान वह अंतरराष्ट्रीय सीमा का निरीक्षण करेंगे और जम्मू शहर में एक और सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन पूरी तरह नियंत्रण में है और सुरक्षा बल किसी भी तरह के खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। 

जम्मू-कश्मीर में कड़ाके की ठंड जारी, कश्मीर के मैदानी इलाकों में नहीं हो रही बर्फबारी

11-Jan-2026
जम्मू कश्मीर।  ( शोर संदेश ) जम्मू और कश्मीर में रविवार को भी कड़ाके की सूखी ठंड जारी रही, घाटी में रात का तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे बना रहा। साफ आसमान में सर्दियों की हल्की धूप के साथ सूरज निकला। पानी के नल और सड़क के गड्ढों में पानी पूरी तरह जम गया था, जबकि श्रीनगर शहर की डल झील भी कुछ हिस्सों में जम गई थी।
सुबह लोग नलों के चारों ओर छोटी-छोटी आग जलाकर पानी को पिघलाते हुए देखे गए। श्रीनगर शहर में न्यूनतम तापमान माइनस 5.2 डिग्री सेल्सियस, गुलमर्ग स्की रिज़ॉर्ट में माइनस 6.2 और पहलगाम में माइनस 7.6 डिग्री सेल्सियस था।
जम्मू शहर में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस, कटरा शहर में 4.4, बटोटे में 3, बनिहाल में 7.1 और भद्रवाह में माइनस 2 डिग्री सेल्सियस रहा। जम्मू और कश्मीर, खासकर घाटी के लिए चिंताजनक स्थिति है, क्योंकि मौसम विभाग ने 20 जनवरी तक ठंडे, सूखे मौसम का अनुमान लगाया है।
अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच का अंतर भी कम हो गया है, क्योंकि शनिवार को श्रीनगर में अधिकतम तापमान 10.9 डिग्री सेल्सियस और जम्मू शहर में 15.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
वहीं, लगातार सूखे की वजह से पूरे केंद्र शासित प्रदेश में चिंता बढ़ गई है, क्योंकि खेती, बागवानी और पीने के पानी की जरूरतें जिन सभी जल स्रोतों पर निर्भर हैं, वे ‘चिल्लई कलां’ कहे जाने वाले 40 दिनों की कड़ाके की ठंड के दौरान भारी बर्फबारी पर निर्भर करते हैं।
यह अहम 40 दिनों का समय पहले ही आधे से ज़्यादा बीत चुका है, और घाटी के मैदानी इलाकों में इस मौसम की पहली बर्फबारी अभी तक नहीं हुई है।
चिल्लई कलां 30 जनवरी को खत्म होता है। फरवरी और मार्च में होने वाली बर्फबारी का ज्यादा असर नहीं होता क्योंकि यह जल्दी पिघल जाती है और जम्मू-कश्मीर के पहाड़ों में बारहमासी पानी के जलाशयों को भरने में मदद नहीं करती।
डॉक्टरों का कहना है कि ठंडे, सूखे मौसम के कारण सीने और दिल से जुड़ी बीमारियां फिर से बढ़ रही हैं। सीने और दिल से जुड़ी बीमारियों का इतिहास रखने वाले लोगों को डॉक्टरों ने ज्यादा सावधानी बरतने की सलाह दी है, और ऐसे कमज़ोर लोगों को सलाह दी गई है कि वे कड़ाके की ठंड की लहर की स्थिति में अपने घरों से बाहर न निकलें। 










 

जम्मू-कश्मीर में कड़ाके की ठंड, फ्रीजिंग पॉइंट से नीचे गया तापमान; डल झील और जलाशय जमे

10-Jan-2026
जम्मू-कश्मीर ।  ( शोर संदेश ) श्रीनगर और जम्मू-कश्मीर की वादियों में शनिवार को तापमान फ्रीजिंग पॉइंट से कई डिग्री नीचे गिर गया। राजधानी श्रीनगर में न्यूनतम तापमान माइनस 5.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पिछले दिन यह माइनस 6 डिग्री था। 
ठंड की वजह से यहां की मशहूर डल झील आंशिक रूप से जम गई है, जिससे नाविकों को अपनी नावें चलाने में काफी परेशानी हो रही है। इसके अलावा, पानी के नल, सड़क पर बने छोटे-छोटे गड्ढे और उथले जलाशय भी जम गए।
श्रीनगर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच का अंतर भी कम हो गया है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान सिर्फ 10.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए ठंडी और शुष्क हवाओं की भविष्यवाणी की है और बताया कि 20 जनवरी तक बारिश या बर्फबारी की संभावना बहुत कम है, सिर्फ ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी हो सकती है।
इस लगातार शुष्क मौसम ने जम्मू और कश्मीर में चिंता बढ़ा दी है। यहां के सभी जल स्रोत भारी हिमपात पर निर्भर करते हैं। ये कृषि, बागवानी और पीने के पानी की जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण हैं। यह हिमपात 40 दिन लंबी कठोर सर्दी की अवधि ‘चिल्लई कलां’ के दौरान होता है। इस महत्वपूर्ण अवधि का आधा समय पहले ही गुजर चुका है, लेकिन वादी के मैदानों में अभी तक इस मौसम की पहली बर्फबारी नहीं हुई है। चिल्लई कलां की अवधि 30 जनवरी को समाप्त होगी। इसके बाद फरवरी और मार्च में होने वाली बर्फ जल्दी पिघल जाती है और यह स्थायी जलाशयों को भरने में ज्यादा मदद नहीं करती।
श्रीनगर के अलावा, गुलमर्ग में न्यूनतम तापमान माइनस 6.8 डिग्री और पहलगाम में माइनस 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जम्मू शहर में रात का न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री, कटरा में 5.3 डिग्री, बाटोटे में 1.3 डिग्री, बानिहाल में माइनस 0.4 डिग्री और भद्रवाह में माइनस 2.8 डिग्री था।
वहीं, कडाके की ठंड और शुष्क मौसम की वजह से फेफड़े और दिल संबंधी बीमारियों के मरीज अस्पताल और क्लीनिकों में भारी संख्या में पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों ने लोगों को चेतावनी दी है कि अगर किसी को पहले से दिल या छाती की समस्या है तो उन्हें अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। ऐसे मौसम में गर्म कपड़े पहनना, शरीर को पूरी तरह से ढककर रखना और समय पर दवाओं का सेवन करना बेहद जरूरी है।









 

आतंक मुक्त जम्मू-कश्मीर के लक्ष्य को जल्द हासिल करेंगे : गृह मंत्री अमित शाह

09-Jan-2026
जम्मू-कश्मीर ।  ( शोर संदेश ) केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को नई दिल्ली में जम्मू-कश्मीर से जुड़े सुरक्षा हालात को लेकर एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक में जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा, केंद्रीय गृह सचिव, सूचना ब्यूरो (आईबी) के निदेशक, जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के प्रमुख समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार जम्मू और कश्मीर में चिरस्थायी शांति स्थापित करने और आतंकवाद का पूरी तरह सफाया करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को दोहराते हुए अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार के निरंतर और समन्वित प्रयासों के चलते जम्मू और कश्मीर में आतंकवाद का पूरा इकोसिस्टम ध्वस्त हो चुका है।
गृह मंत्री ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में सुरक्षा एजेंसियों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आतंकवादी ढांचे और आतंकवाद की फंडिंग को टारगेट करते हुए आतंक रोधी अभियानों को मिशन मोड में जारी रखा जाना चाहिए।
अमित शाह ने सभी सुरक्षा एजेंसियों को लगातार चौकसी बरतने और आपसी तालमेल के साथ काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने के बाद हासिल की गई उपलब्धियों को बनाए रखते हुए ‘आतंक मुक्त जम्मू-कश्मीर’ के लक्ष्य को जल्द से जल्द प्राप्त करने के लिए काम किया जाए।
गृह मंत्री ने आश्वासन दिया कि इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों के लिए केंद्र सरकार की ओर से सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
















 

श्रीनगर में कड़ाके की ठंड: सीजन की सबसे सर्द रात, तापमान माइनस 5.1 डिग्री सेल्सियस

08-Jan-2026
जम्मू-कश्मीर। ( शोर संदेश ) जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में न्यूनतम तापमान माइनस 5.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस सर्दी में यह अब तक की सबसे ठंडी रात रही। स्थानीय मौसम विभाग के डायरेक्टर मुख्तार अहमद ने बताया कि न्यूनतम तापमान माइनस 5.1 डिग्री सेल्सियस के साथ, श्रीनगर शहर में आज इस मौसम का सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।
गुलमर्ग में न्यूनतम तापमान माइनस 9.2 डिग्री सेल्सियस और पहलगाम में माइनस 8.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जम्मू शहर में रात का सबसे कम तापमान 7.1 डिग्री, कटरा शहर में 4.1, बटोटे में 2.8, बनिहाल में 3.7 और भद्रवाह में माइनस 3.4 डिग्री सेल्सियस रहा।
मौसम विभाग द्वारा 20 जनवरी तक ठंडे, सूखे मौसम का पूर्वानुमान लगाने के कारण, कश्मीर में लोगों के बीच आने वाले महीनों में सूखे का खतरा चिंता का कारण बन गया है। यह डर इस बात से और बढ़ गया है कि ‘चिल्लई कलां’ नाम की 40 दिन की कड़ी सर्दी का समय, जो 21 दिसंबर को शुरू हुआ था, 30 जनवरी को खत्म होगा। इस 40 दिन की अवधि में होने वाली भारी बर्फबारी ही पहाड़ों में बारहमासी पानी के जलाशयों को भरती है।
फरवरी और मार्च में होने वाली बर्फबारी जल्दी पिघल जाती है और ज्यादा समय तक नहीं रहती। इसलिए, चिल्लई कलां में भारी बर्फबारी न होने से गर्मियों के महीनों में मुसीबत आ जाती है। यह बताना जरूरी है कि इस सर्दी के लगभग आधे समय तक श्रीनगर शहर में इस मौसम की पहली बर्फबारी नहीं हुई है। गुरुवार को घाटी में साफ आसमान में सर्दियों का हल्का सूरज चमका। साफ धूप वाले दिन के बावजूद, सर्दियों का सूरज घाटी में सुबह को गर्म करने में नाकाम रहा।















 

जम्मू-कश्मीर: सीमावर्ती इलाकों में बदली तस्वीर, बीआरओ की मेहनत से लोगों की वर्षों की परेशानी हुई दूर

06-Jan-2026
जम्मू-कश्मीर। ( शोर संदेश ) जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिला राजौरी के कालाकोट में लोगों को वर्षों की समस्या से निजात मिली है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने कालाकोट उपखंड के बल्लि क्षेत्र में जर्जर सड़क पर ब्लैकटॉपिंग का काम शुरू किया है, जिसका मकसद डिफेंस कनेक्टिविटी को मजबूत करना और ग्रामीण बुनियादी ढांचे में सुधार करना है। इससे स्थानीय लोगों में खुशी देखी जा रही है। 
सालों से यह सड़क खराब हालत में थी, गड्ढों से भरी हुई थी और यात्रियों के लिए गंभीर खतरा बनी हुई थी। सड़क की खराब हालत के कारण बार-बार सड़क दुर्घटनाएं और रोजाना की परेशानी आम बात हो गई थी, क्योंकि इस हिस्से की लंबे समय से ठीक से मरम्मत नहीं हुई थी।
इन चिंताओं को देखते हुए बीआरओ ने सड़क पर नई ब्लैकटॉपिंग का काम शुरू किया है। चल रहे काम से आवाजाही आसान होगी, दूरदराज के इलाकों से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और सड़क दुर्घटनाओं में काफी कमी आएगी। स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना की है और राजौरी जिले के दूरदराज के इलाकों में विकास और सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए केंद्र सरकार व सीमा सड़क संगठन को धन्यवाद दिया है। उन्होंने बताया कि अभी लगभग 3 किलोमीटर का दायरा बाकी है, जहां बीआरओ के कर्मचारी काम कर रहे हैं और जल्द पूरी सड़क बनकर तैयार होगी।
एक स्थानीय नागरिक ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि इस सड़क की मरम्मत जरूरी थी। यहां के लोगों को सालों से आने-जाने में मुश्किल हो रही थी। अभी बीआरओ अच्छा काम कर रहा है। हम चाहते हैं कि बीआरओ को लगातार काम मिलने चाहिए। इससे सड़कें भी सही होंगी और स्थानीय लोगों को काम मिलेगा। एक अन्य नागरिक ने बताया कि रास्ते पर बहुत गड्ढे थे, जिसके कारण अक्सर दुर्घटनाएं होती थीं। इसके अलावा भी लोगों को बहुत परेशानियां थीं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग के बाद बीआरओ अच्छा काम कर रहा है।









 

जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में सुरक्षा कारणों से VPN के इस्तेमाल पर बैन

30-Dec-2025
जम्मू-कश्मीर के कई जिलों ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (Virtual Private Network (VPN) के इस्तेमाल पर बैन लगा दिया है, क्योंकि सुरक्षा बलों ने यह सुनिश्चित करने के लिए सेल फोन सर्विलांस बढ़ा दिया है कि बैन के आदेश का उल्लंघन न हो।
घाटी के कुपवाड़ा, कुलगाम और शोपियां जिले वीपीएन बैन लगाने वाले नए जिले हैं, जिन्होंने आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का आदेश दिया है। कुपवाड़ा के मजिस्ट्रेट श्रीकांत बालासाहेब सुसे ने पुलिस से मिली जानकारी का हवाला दिया है, जिसमें जिले में बड़ी संख्या में संदिग्ध इंटरनेट यूजर्स द्वारा वीपीएन के इस्तेमाल में बढ़ोतरी की बात कही गई है।
आदेश में कहा गया, “चूंकि वीपीएन सेवाओं का इस्तेमाल गैर-कानूनी और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के लिए किया जा सकता है, जिसमें अशांति फैलाना, गुमराह करने वाली या भड़काऊ सामग्री फैलाना और सार्वजनिक व्यवस्था, शांति और राष्ट्रीय सुरक्षा बनाए रखने के लिए हानिकारक गतिविधियों का समन्वय करना शामिल है।”

मजिस्ट्रेट ने आदेश का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। साथ ही, पुलिस को आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। है। शोपियां और कुलगाम के जिला मजिस्ट्रेटों ने भी इसी तरह के प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं।
जम्मू और कश्मीर के कई अन्य जिलों में पहले ही यह बैन लगाया जा चुका है और पिछले महीने वीपीएन एप्लिकेशन का इस्तेमाल करने के आरोप में 10 से ज्यादा लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। पिछले हफ्ते, डोडा जिले में दो लोगों पर प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था, जब वे अपने मोबाइल फोन पर वीपीएन का इस्तेमाल करते पाए गए थे। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान खालिद अबरार और मोहम्मद इरफान के रूप में हुई है।
वीपीएन के दुरुपयोग में वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क का इस्तेमाल गलत सूचना फैलाने, अपराधों का समन्वय करने, सुरक्षा को दरकिनार करने या प्रतिबंधित सामग्री तक पहुंचने जैसी गैर-कानूनी गतिविधियों के लिए करना शामिल है, जो सार्वजनिक व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करता है, जिससे अधिकारियों (जैसे हाल ही में भारत के कुछ हिस्सों में) को अस्थायी बैन लगाने पड़ते हैं। साइबर दुश्मन भी पहचान की चोरी या नेटवर्क में घुसपैठ जैसी दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों को छिपाने के लिए वीपीएन का फायदा उठाते हैं, जिससे सही वीपीएन चुनना बहुत ज़रूरी हो जाता है। 

जम्मू-कश्मीर में बारिश और बर्फबारी की संभावना, एडवाइजरी जारी

19-Dec-2025
जम्मू-कश्मीर। ( शोर संदेश ) जम्मू-कश्मीर में दो महीने से ज्यादा समय तक सूखे के बाद अगले 48 घंटों के दौरान बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। मौसम विभाग ने 20 दिसंबर की देर शाम से ऊंचे इलाकों में हल्की बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश का अनुमान जताया है।
स्थानीय मौसम विभाग के निदेशक मुख्तार अहमद ने समाचार एजेंसी से बात करते हुए बताया कि 20 और 21 दिसंबर की दरमियानी रात को केंद्र शासित प्रदेश के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश होने की उम्मीद है। यह 21 दिसंबर की देर दोपहर तक जारी रह सकती है।
अधिकारी ने बताया कि गांदरबल, बांदीपोरा और कुपवाड़ा जिलों के कुछ ऊंचे इलाकों में खासकर 21 दिसंबर को भारी बर्फबारी हो सकती है। बारामूला, कुपवाड़ा, बांदीपोरा और गांदरबल जिलों के अधिकारियों ने एडवाइजरी जारी कर ऊंचे इलाकों में रहने वाले लोगों से बर्फबारी के दौरान अपने घरों से बाहर न निकलने को कहा है।
पिछले दो महीनों में नदियां, झरने, सोते और झीलें सूखे से बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, जिसका गंभीर प्रभाव जल निकाय पर भी देखने के लिए मिला है। लंबे समय तक सूखे के कारण बीमारियां बढ़ गई हैं और आजकल घाटी के अस्पतालों में सर्दी, सूखी खांसी और फ्लू आम शिकायतें बन गई हैं। डॉक्टरों ने लोगों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को सलाह दी है कि वे लंबे समय तक ठंडी और सर्द हवा के संपर्क में न रहें।
कड़ाके की सर्दी का 40 दिन का समय जिसे ‘चिल्लई कलां’ कहा जाता है, 21 दिसंबर से शुरू होगा और 30 जनवरी को खत्म होगा। इस दौरान, घाटी में अधिकांश जल निकाय जम जाते हैं क्योंकि न्यूनतम तापमान माइनस 6 से माइनस 8 डिग्री सेल्सियस के बीच गिर जाता है। चिल्लई कलां के दौरान दिन का तापमान दो अंकों से नीचे रहता है, जिससे न्यूनतम और अधिकतम तापमान के बीच का अंतर कम हो जाता है।
आज शुक्रवार को श्रीनगर में न्यूनतम तापमान माइनस 2.1 डिग्री सेल्सियस, पहलगाम में माइनस 2.6 और गुलमर्ग में एक डिग्री था। जम्मू शहर में 9.9 डिग्री सेल्सियस, कटरा में 9.2, बटोटे में 6.7, बनिहाल में 3.5 और भद्रवाह में 2.3 डिग्री न्यूनतम तापमान था। 





 

इंडिगो संकट: जम्मू और कश्मीर में 16 उड़ानें रद्द

08-Dec-2025
जम्मू कश्मीर ।  ( शोर संदेश ) इंडिगो एयरलाइंस की सेवाओं में आज सोमवार को गड़बड़ी के कारण जम्मू और कश्मीर के श्रीनगर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर फ्लाइट ऑपरेशन बुरी तरह प्रभावित हुए, जिसके चलते एयरलाइन की 16 उड़ानें रद्द कर दी गईं।
हवाई अड्डे के अधिकारियों ने बताया, “सोमवार सुबह कई इंडिगो उड़ानों के रद्द होने के बाद श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हवाई यातायात में लगातार गड़बड़ी देखी गई है। कुल 64 निर्धारित उड़ान संचालन होने थे, जिनमें 32 आगमन और 32 प्रस्थान थे, लेकिन इंडिगो ने दिन के लिए 36 संचालन की योजना बनाई थी। हालांकि, सोमवार सुबह 8 बजे तक ऑपरेशनल कारणों से 16 इंडिगो उड़ानें रद्द कर दी गईं, जिनमें 8 आगमन और 8 प्रस्थान थीं।”
उन्होंने यह भी कहा कि किसी अन्य एयरलाइन से कोई रद्दीकरण की सूचना नहीं मिली है। बाकी निर्धारित सेवाओं के लिए फ्लाइट ऑपरेशन सामान्य रूप से जारी हैं।
इंडिगो उड़ानों के सैकड़ों यात्रियों को इस गड़बड़ी और बजट कैरियर के ऑपरेशन की संभावित बहाली के बारे में कोई जानकारी नहीं है। शुक्रवार को 1,000 से अधिक इंडिगो उड़ानें रद्द कर दी गईं, जो एक अभूतपूर्व संख्या थी।
जबकि रिपोर्टों से पता चलता है कि पायलटों के ड्यूटी के घंटों को सीमित करने वाले नए नियमों के कारण इंडिगो उड़ानें प्रभावित हुईं, इंडिगो प्रबंधन ने इस अराजकता के लिए कई अप्रत्याशित ऑपरेशनल चुनौतियों को जिम्मेदार ठहराया है, जिसमें मामूली तकनीकी गड़बड़ियां, सर्दियों के समय सारणी में बदलाव, भीड़भाड़ और मौसम शामिल हैं।

इंडिगो प्रबंधन ने कहा कि यह गड़बड़ी अस्थायी है और 10 दिसंबर तक ऑपरेशन सामान्य हो जाएंगे। इंडिगो अधिकारियों ने कहा, “इंडिगो सेवाओं में सुधार करने और पिछले दिन लगभग 1,500 उड़ानों के बाद आज 1,650 उड़ानें संचालित करने की उम्मीद है।”
डीजीसीए (DGCA) ने पहले ही सीईओ पीटर एल्बर्स को एक कारण बताओ नोटिस जारी कर नोटिस मिलने के 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। अपने नोटिस में, डीजीसीए ने कहा कि एल्बर्स विश्वसनीय संचालन के लिए समय पर व्यवस्था सुनिश्चित करने और यात्रियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के अपने कर्तव्य में विफल रहे।













 


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